(फ्री हिन्दी अंग्रेजी ओशे प्रवचन और ई-बुक)http://www.oshoba.org/
आनंद प्रसाद
ओशो की किरण जीवन में जिस दिन से प्रवेश किया, वहीं से जीवन का शुक्ल पक्ष शुरू हुआ, कितना धन्य भागी हूं ओशो को पा कर उस के लिए शब्द नहीं है मेरे पास.....अभी जीवन में पूर्णिमा का उदय तो नहीं हुआ है। परन्तु क्या दुज का चाँद कम सुदंर होता है। देखे कोई मेरे जीवन में झांक कर। आस्तित्व में सीधा कुछ भी नहीं है...सब वर्तुलाकार है , फिर जीवन उससे भिन्न कैसे हो सकता है।
कुछ अंबर की बात करे,
कुछ धरती का साथ धरे।
कुछ तारों की गूंथे माला,
नित जीवन का एहसास करे।।
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Category Archives: भारत के संत
मेहरबाबा प्रवेश न करना—और मकान का गिरना
मेहरबाबा की जिंदगी में कुछ दो तीन घटनाएं है बड़ी अदभुत। एक मकार उनके लिए बनाया गया। उसके लिए ही बनाया गया और उस मकान में वक प्रवेश करने गए। दरवाजे पर खड़े होकर—यानी प्रवेश का उत्सव मनाया जा रहा … Continue reading
Posted in भारत के संत
1 टिप्पणी
सुंदरो और दादू—(भारत के संत)
दादू के चेले तो अनेक थे पर दो ही चेलों का नाम मशहूर है। एक रज्जब और दूसरा सुंदरो। आज आपको सुंदरो कि विषय में एक घटना कहता हूं। दादू की मृत्यु हुई। तब दादू के दोनों चलो ने बड़ा … Continue reading
स्वामी रामकृष्ण परमहंस और मां शारद
राम कृष्ण अपनी पत्नी को मां बोलते थे। और यूं नहीं कि बाद में कहने लगे थे। रामकृष्ण जब चौदह साल के थे, तब उनको पहली समाधि हुई। आ रहे थे अपने खेत से वापस। झाल के पास से गांव … Continue reading
अल हल्लाज मंसूर—संत
अल हल्लाज मंसूर एक बड़े प्यारे सूफी संत हुए पर्शिया में जो आज ईरान कहलाता है। अपनी मस्ती के परम क्षणों में उन्होंने घोषणा की ‘’अनल हक’’ में सत्य हूं। उनके इस सीधे-सादे वक्तव्य ने स्थापित धर्म की जड़ें हिला … Continue reading
संत असिता और भगवान बुद्ध का जन्म–
आज से पच्चीस सौ साल पहले, जब भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, घर में उत्सव मनाया जा रहा था। सम्राट के घर बेटा पैदा हुआ था, पूरी राजधानी को सजाया गया था। रात भर लोगों दीए जलाएं, नाचे। उत्सव मनाया। … Continue reading
संत भीखा दास—
भीख जब छोटा बच्चा था। लोग हंसते थे कि तू समझता क्या। शायद साधुओं के विचित्र रंग-ढंग को देखकर चला जाता है। शायद उनके गैरिक वस्त्र, दाढ़ियां उनके बड़े-बड़े बाल, उनकी धूनी उनके चिमटे, उनकी मृदंग, उनकी खंजड़ी, यह सब … Continue reading
चरक और सुश्रुत—सूक्ष्मतम शरीर की अंतस रचना का ज्ञान
अगर हम चरक और सुश्रुत को समझें तो हमें हैरानी हो जायेगी। आज हम आदमी के शरीर को काट-पीटकर जो जान पाते है उसका वर्णन तो है। तो दो ही उपाय है: या तो सर्जरी इतनी बारीक हो गयी हो … Continue reading
संत बाबा शेख फरीद—
शेख फरीद के पास कभी एक युवक आया। और उस युवक ने पूछा कि सुनते है कि हम जब मंसूर के हाथ काटे गये, पैर काटे गये। तो मंसूर को कोई तकलीफ न हुई। लेकिन विश्वास नहीं आता। पैर में … Continue reading
ओस्पेंस्की की चलते-चलते मृत्यु–- इस सदी का चमत्कार
अभी एक आदमी मरा पी. डी. ओस्पेंस्की। वह रूस का एक बड़ा गणितज्ञ था। और मृत्यु के संबंध में इस सदी में सबसे ज्यादा प्रयोग उसी आदमी ने किए है। मरने के समय, जब कि वह बुरी तरह बीमार है … Continue reading
संत फकीर हसन—
एक सूफी फकीर हुआ हसन। जब वह मरने लगा तब उससे उसके कुछ शिष्यों ने पूछा कम से कम अब तो आप जा रहे हो इस दुनियां को छोड़ कर। और हम आपके संग सालों रहे है। और आपके जीवन … Continue reading
संत भर्तृहरि—
भर्तृहरि ने घर छोड़ा। देखा लिया सब। पत्नी का प्रेम, उसका छलावा, अपने ही हाथों आपने छोटे भाई विक्रमादित्य की हत्या का आदेश। मन उस राज पाठ से वैभव से थक गया। उस भोग में केवल पीड़ा और छलावा ही … Continue reading
संत झुन्नून—
मिश्र में एक अद्भुत फकीर हुआ है झुन्नून। एक युवक ने आकर उससे पूछा, मैं भी सत्संग का आकांक्षी हूं। मुझे भी चरणों में जगह दो। झुन्नून ने उसकी तरफ देखा—दिखाई पड़ी होगी बही बुद्ध की कलछी वाली बात जो … Continue reading
सदाशिव स्वामी—
दक्षिण भारत में एक अपूर्व संत हुआ जिसका नाम था–सदाशिव स्वामी। एक दिन अपने गुरु के आश्रम में एक पंडित को आया देख कर विवाद में उलझ गया। उसने उस पंडित के सारे तर्क तोड़ दिये। उसके एक-एक शब्द को … Continue reading
फकीर संत हरिदास—
अकबर ने एक दिन तानसेन को कहा, तुम्हारे संगीत को सुनता हूं, तो मन में ऐसा ख्याल उठता है कि तुम जैसा गाने वाला शायद ही इस पृथ्वी पर कभी हुआ हो और न हो सकेगा। क्योंकि इससे ऊंचाई और … Continue reading
परमसंत सहजो बाई—
अब तक मैं मुक्त पुरूषों पर ही बोला हूं। पहली बार एक मुक्त नारी पर चर्चा शुरू करता हूं। मुक्त पुरूषों पर बोलना आसान था। उन्हें में समझ सकता हूं-वे सजातीय है। मुक्त नारी पर बोलना थोड़ा कठिन है। वह … Continue reading
संत रज्जब—तैं किया गज्जब
आज हम जिस अनूठे आदमी की बाणी में यात्रा करेंगे, वह आदमी निश्चित अनूठा रहा होगा। कभी ऐसे अनूठे आदमी होते है। और उनके जीवन से जो पहला पाठ मिल सकता है वह यही है। संत रज्जब की जिंदगी बड़े … Continue reading
संत पलटू बनिया—
पलटू दास के संबंध में बहुत ज्यादा ज्ञान नहीं है। संत तो पक्षियों के जैसे होते है। आकाश पर उड़ते जरूर है, लेकिन पद चिन्ह नहीं छोड़ते जाते है।। संतों के संबंध में बहुत कुछ ज्ञात नहीं रहता है। संत … Continue reading
बाबा–जग जीवन —
कुछ संत ऐसे है, जो हमारी परिभाषा और परिचय के परिशमन में नहीं आ पाते, कुछ जंगली फूलों की तरह जिनका सौंदर्य तो अटूट होता है। पर हमारी आंखे जिन्हें जानने और देखने की आदि हो जाती है, वह उसके … Continue reading
सुंदर दास—
सुंदर दास थोड़े से कलाकारों में एक है जिन्होंने इस ब्रह्मा को जाना। फिर ब्रह्म को जान लेना एक बात है, ब्रह्म को जनाना और बात। सभी जानने बाले जना नहीं पाते। करोड़ों में कोई एक आध है, ब्रह्म को … Continue reading
बाबा मलूक दास—
बाबा मलूक दास, यह नाम ही ऐसा प्यारा है, तन मन-प्राण में मिसरी घोल दे। ऐसे तो बहुत संत हुए है, सारा आकाश संतों के जगमगाते तारों से भरा है। पर मलूक दास की तुलना किसी और से नहीं की … Continue reading





