कन्फूशियस चीन के प्राचीन और प्रसिद्ध दार्शनिकों में से एक है। जैसा कि सभी प्राचीन पौर्वात्य व्यक्तियों के साथ हुआ है, इतिहास में उसके जन्म और मृत्यु की कोई सुनिश्चत तारीख दर्ज नहीं है। जो भी उपलब्ध है वह केवल अनुमान है। कन्फ्यूशियस का जीवन काल ईसा पूर्व 551-479 बताया जाता है। कुछ इतिहासविद् उससे सहमत है, कुछ नहीं। जो भी हो, उसके जैसे व्यक्तियों के वचन महत्वपूर्ण होते है, उनका इतिहास या भूगोल नहीं। उसके जीवन के संबंध में जो भी आंशिक जानकारी इधर-उधर उपलब्ध है उसे जोड़कर जो चित्र बनता है वह यह कि कन्फ्यूशियस सामान्य परिवार में पैदा हुआ, वह विवाहित था। जीते जी उसकी ख्याति एक विद्वान और सर्वज्ञ ऋषि के रूप में फैल चुकी थी। और वह लगातार उसका खंडन करता था। वह इसका इन्कार करता था कि वह उसके पास कोई विशेष ज्ञान है। उसके मुताबिक उसके पास जो असाधारण बात थी वह थी सत्तत सीखने की प्यास। सुदूर अतीत में जो दिव्य शास्ता थे उनके आगे वह स्वयं को नाकुछ मानता था। Continue reading
(फ्री हिन्दी अंग्रेजी ओशे प्रवचन और ई-बुक)http://www.oshoba.org/
आनंद प्रसाद
ओशो की किरण जीवन में जिस दिन से प्रवेश किया, वहीं से जीवन का शुक्ल पक्ष शुरू हुआ, कितना धन्य भागी हूं ओशो को पा कर उस के लिए शब्द नहीं है मेरे पास.....अभी जीवन में पूर्णिमा का उदय तो नहीं हुआ है। परन्तु क्या दुज का चाँद कम सुदंर होता है। देखे कोई मेरे जीवन में झांक कर। आस्तित्व में सीधा कुछ भी नहीं है...सब वर्तुलाकार है , फिर जीवन उससे भिन्न कैसे हो सकता है।
कुछ अंबर की बात करे,
कुछ धरती का साथ धरे।
कुछ तारों की गूंथे माला,
नित जीवन का एहसास करे।।
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